हल्दी वनस्पति के औषधीय गुणधर्म
(Turmeric Plant – Medical Information in Hindi)
Turmeric Plant
• मराठी नाम : हळद
• हिंदी नाम : हल्दी
• अंग्रेज़ी नाम : Turmeric
• कन्नड़ नाम : अरसिनी
• आयुर्वेदिक संस्कृत नाम : हरिद्रा
• लैटिन नाम : करक्युमा लॉन्गा (Curcuma longa)
• हल्दी एक फसली वर्ग की वनस्पति है, जिसकी फसल चार से छह महीनों में तैयार हो जाती है।
• भारत देश में प्राचीन काल से ही हल्दी की खेती और उत्पादन किया जाता रहा है।
• इस वनस्पति की खेती गांठ (कंद/राइज़ोम) से की जाती है।
• इसके पत्ते चौड़े होते हैं, दोनों सिरों से नुकीले तथा मध्य भाग में उभरे हुए होते हैं।
• भूमि के अंदर जड़ से जुड़ी लंबी गांठों को, अदरक के समान जो तना होता है, हल्दी कंद कहा जाता है। इसी से हल्दी प्राप्त की जाती है।
• रंग : पीला, तथा सफेद भी पाया जाता है।
हल्दी की किस्में
1. सफेद हल्दी
2. पीली हल्दी
3. काली हल्दी
4. आम्बा हल्दी
हल्दी के औषधीय गुणधर्म
• हल्दी में कर्क्यूमिन (Curcumin) नामक तत्व पाया जाता है, जो शरीर के अंदर होने वाली सूजन और संक्रमण को कम करने में मदद करता है।
• शरीर में अधिक गर्मी के कारण आंतरिक घाव या छाले होने पर आहार में हल्दी लेना लाभकारी होता है।
• हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो कैंसर रोग में बढ़ने वाली कोशिकाओं की रक्त आपूर्ति को रोककर उनसे लड़ने में सहायता करती है।
• उम्र के साथ मस्तिष्क की स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है। हल्दी स्मृति बढ़ाने में सहायक है और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखती है।
• हल्दी रक्त में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। यह रक्त को पतला करने में सहायक होती है, जिससे रक्तचाप की समस्या कम होती है।
• जंक फूड और हानिकारक पदार्थों के कारण यदि लीवर में विषैले तत्व बढ़ जाएँ, तो उन्हें बाहर निकालने में हल्दी सहायक होती है।
• शरीर के बाहरी हिस्से पर चोट या घाव होने पर हल्दी लगाने से घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है।
• सिरदर्द की समस्या होने पर नियमित आहार में हल्दी लेने से लाभ होता है।
• हल्दी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। चेहरे की झुर्रियाँ कम करने तथा त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए हल्दी का उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है।
• हड्डियों की कमजोरी से जोड़ों में दर्द होता है। विभिन्न जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की पीड़ा के लिए हल्दी के तेल से मालिश लाभकारी होती है।
साथ ही दूध में हल्दी मिलाकर पीने से हड्डियाँ मजबूत और स्वस्थ रहती हैं।
• वायरल संक्रमण होने पर हल्दी का सेवन करना चाहिए। इसमें मौजूद कर्क्यूमिन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
• हल्दी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होती है।
• मासिक धर्म के दौरान पेट दर्द होने पर महिलाओं को हल्दी का सेवन करना लाभकारी होता है।
• सर्दी, जुकाम और खांसी होने पर हल्दी मिले नमक के गुनगुने पानी से गरारे करने से राहत मिलती है।
खांसी में हल्दी को उँगली की चुटकी में लेकर गले के पास लटकने वाली जीभ (काकल) पर लगाने से खांसी कम होती है।
हल्दी का सेवन कैसे करें
• प्रतिदिन के भोजन में कम से कम आधा चम्मच हल्दी का उपयोग करना चाहिए।
• हल्दी और काली मिर्च एक साथ लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।
• एक कप पानी में एक चम्मच हल्दी डालकर उबालकर पीना लाभकारी होता है।
• दूध में हल्दी मिलाकर पीने से मांसपेशियों और हड्डियों का स्वास्थ्य बेहतर होता है।
• गले में दर्द होने पर हल्दी, नमक और गुनगुने पानी से गरारे करना फायदेमंद होता है।
• बाहरी घावों पर हल्दी लगाने से घाव जल्दी भरते हैं।
• हल्दी का उपयोग भोजन, अचार, मसाले और चटनी में विशेष रूप से किया जाता है।
हल्दी के नुकसान
• अधिक मात्रा में हल्दी का सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।
• आवश्यकता से अधिक हल्दी लेने पर यह शरीर में पथरी बनाने वाले तत्वों को बढ़ा सकती है।
इसलिए जिन लोगों को पथरी की समस्या है, उन्हें हल्दी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
• जिन लोगों के शरीर में आयरन (लोह तत्व) की कमी है, उन्हें हल्दी का सेवन सीमित करना चाहिए,
क्योंकि हल्दी को प्रभावित कर सकती है।
• हल्दी रक्त को पतला करने में मदद करती है, इसलिए उच्च रक्तचाप या रक्त पतला करने वाली दवाएँ लेने वाले व्यक्तियों को हल्दी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
अधिक सेवन करने से रक्त अत्यधिक पतला हो सकता है।
निष्कर्ष
उपरोक्त जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि हल्दी का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है,
लेकिन इसका उपयोग संतुलित और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
हल्दी वनस्पति के औषधीय गुणधर्म
(Turmeric Plant – Medical Information in Hindi)






























