अंजन वनस्पती
• वनस्पतीशास्त्रीय नाव :
• कुल : Caesalpiniaceae
• संस्कृत भाषा में नाम : अंजन
• हिंदी नाम : अंजन, इरुला, कराची
• मराठी नाम : अंजन
• कन्नड़ नाम : कम्मारा
• मलयालम व तमिल नाम : आचा
• तेलगू : येपी
• आढल (Distribution):
अंजन एक वृक्ष है जो भारतीय उपखंड में सर्वत्र पाया जाता है। विशेष रूप से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, मलेशिया आदि देशों में मिलता है।
यह वृक्ष शुष्क पानझड़ी अरण्य में पाया जाता है। यह उथली वालुकामय तथा खडकिली जमीन को भेदकर लंबी जड़ें फैलाता है। इसलिए यह लंबे समय तक टिकने वाला वृक्ष है। भारत में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगणा, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश तथा पश्चिम बंगाल राज्यों में यह पाया जाता है।
• ऊंचाई :
यह वृक्ष लगभग 15 से 25 मीटर ऊंचा होता है।
• तना (खोड) :
इसका तना मजबूत और मोटा होता है तथा ऊपर की छाल फटी हुई और खुरदरी होती है।
• पत्ते (पाने) :
इसके पत्ते आपटा (Apta) के पत्तों जैसे संयुक्त और द्विदल होते हैं। अंजन और कांचन वृक्ष दिखने में लगभग समान लगते हैं। लेकिन अंजन वृक्ष के पत्ते अलग-अलग होते हैं, जबकि कांचन वृक्ष के पत्ते जुड़े हुए और मोड़ वाले होते हैं। इन पत्तों का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है।
• फूल (फुले) :
इसके फूल छोटे, नाजुक और पीले रंग के होते हैं।
• फल (फळे) :
इस वृक्ष में फली (शेंगा) लगती है। यह चपटी होती है तथा दोनों ओर से पतली होती जाती है। इसके नीचे के भाग में एक बीज होता है।
• लकड़ी (लाकूड) :
इस वृक्ष की लकड़ी लाल रंग की, कठोर और भारी होती है।
• मौसम / हंगाम :
इस वृक्ष के पत्ते अप्रैल महीने में झड़ जाते हैं और अगस्त में नई कोपलें निकलती हैं। अगस्त – सितंबर में फूल आते हैं और फल लगते हैं। ये फल लंबे समय तक टिके रहते हैं।
• उपयोग :
इस वृक्ष की छाल से मजबूत रस्सियाँ बनाई जाती हैं। इसके पत्तों में लगभग 9% प्रोटीन होता है, इसलिए इसे पशुओं के चारे के रूप में उपयोग किया जाता है। इसकी लकड़ी टिकाऊ और कठोर होने के कारण इमारत निर्माण, कृषि औजार, पहिए, ईंधन तथा कोयला बनाने में उपयोग की जाती है।
• अंजन वृक्ष का औषधीय उपयोग :
अंजन वृक्ष का गोंद, जड़ का रस तथा पत्तों का रस गुप्त रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है।
इस प्रकार अंजन वनस्पती की यह महत्वपूर्ण जानकारी है।








कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा
ही माहिती शैक्षणिक व सामान्य मार्गदर्शनासाठी आहे. कृपया वैद्यकीय सल्ल्यासाठी तज्ञांचा सल्ला घ्या.