लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी Lajalu plant benefits in Hindi लेबल असलेली पोस्ट दाखवित आहे. सर्व पोस्ट्‍स दर्शवा
लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी Lajalu plant benefits in Hindi लेबल असलेली पोस्ट दाखवित आहे. सर्व पोस्ट्‍स दर्शवा

सोमवार, २४ नोव्हेंबर, २०२५

लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी Lajalu plant benefits in Hindi


लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी

Lajalu plant benefits in Hindi

लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Lajalu plant benefits in Hindi


मराठी नाम : लाजाळू, लाजवंती

• हिंदी नाम : लाजवंती, छुईमुई

• अंग्रेजी नाम : Touch me not / Mimosa Pudica

• पाया जाने वाला स्थान : भारत देश में सर्वत्र।


रचना :

यह एक कांटेदार झाड़ी है जिसकी लंबाई दो से तीन फुट तक बढ़ सकती है। कई बार यह भूमिगत रूप से भी फैलती है।

पत्ते :

इसके पत्ते संयुक्त प्रकार के होते हैं। चिंच (इमली) के पत्तों जैसे लेकिन छोटे आकार के होते हैं तथा स्पर्श करने पर सिकुड़ जाते हैं।

लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Lajalu plant benefits in Hindi


तना :

बारीक लकड़ी जैसा तना होता है और उस पर छोटे-छोटे कांटे होते हैं।

फूल :

छोटे गोल (गेंदनुमा) फूल होते हैं, जिनका रंग हल्का गुलाबी होता है।

बीज :

बीज बहुत ही छोटे होते हैं।

धार्मिक मान्यता :

हिंदू धर्म और आदिवासी क्षेत्रों में यह पौधा पूजनीय माना जाता है।


लाजलू (लाजवंती) पौधे के औषधीय उपयोग

• शारीरिक दुर्बलता दूर करने और शरीर में तरावट लाने के लिए इसके बीजों का चूर्ण दूध में मिलाकर पिया जाता है।

• घाव होने पर — लाजलू के पत्तों को पीसकर लेप लगाने से घाव भर जाता है।

• रक्तपित्त (नाक से खून, गर्मी) — पत्तों का रस 20 ml लेने से लाभ मिलता है।

• बवासीर (मस्से) — पत्तों का रस पीना तथा बीजों का चूर्ण या पत्तों की पेस्ट मस्सों पर लगाने से बवासीर में आराम मिलता है।

• मूत्र-पथरी (मूत्राशय में पथरी) — पत्तों का रस नियमित पीने से पथरी घुलने में मदद मिलती है।

लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Lajalu plant benefits in Hindi


अन्य रोगों में लाभ

• योनि-भस्म (मांस का बाहर आना) — पत्तों का लेप लगाने से बाहर आया भाग अंदर चला जाता है।

• हड्डी टूटना व मांसपेशियों का दर्द — पत्तों का रस पीने से हड्डियाँ जुड़ने और मांसपेशियाँ मजबूत होने में मदद मिलती है।

• पेट में अल्सर — पत्तों का रस नियमित सेवन करने से अल्सर ठीक होता है।

• बार-बार पेशाब लगना, जलन — पत्तों का लेप नाभि के नीचे लगाने से पेशाब की मात्रा नियंत्रित होती है और किडनी पर दबाव कम होता है।

• बवासीर व भगंदर — पौधे की जड़ व पत्तों की पाउडर दूध के साथ पीने और पेस्ट लगाने से मस्से गिर जाते हैं और रोग ठीक होता है।

• पुरुषों में वीर्य वृद्धि तथा स्त्रियों में हार्मोन संतुलन —

100 ग्राम पत्ते 300 ml पानी में उबालकर काढ़ा कुछ दिन पीने से लाभ मिलता है।

• मधुमेह (शुगर) — पत्तों का रस पीते रहने से शुगर नियंत्रित होती है।

• घाव व बवासीर — पत्तों का रस या बीजों की पाउडर दूध में मिलाकर 7 से 15 दिन लेने पर राहत मिलती है।

लाजलू (लाजवंती) पौधे के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Lajalu plant benefits in Hindi


लाजलू पौधे का उपयोग कैसे करें?

• पत्तों का रस सुबह खाली पेट लिया जा सकता है।

• बीजों को बारीक पीसकर पेस्ट बनाकर दूध के साथ लिया जा सकता है।

• पत्तों को गर्म पानी में डालकर काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीना लाभदायक है।

सूचना :

आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अनुसार ही दवा लेना उचित है। यह एक आयुर्वेदिक वनस्पति है और सामान्यतः इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं होते।

ऐसी है — लाजलू (लाजवंती) पौधे की आयुर्वेदिक जानकारी

Lajalu plant benefits in Hindi



---

नागरमोथा वनस्पती विषयी आयुर्वेदिक माहिती (Nagarmotha Vanaspati – Ayurvedic Aushadhi Mahiti)

  🌿 नागरमोथा वनस्पती विषयी आयुर्वेदिक माहिती ( Nagarmotha Vanaspati – Ayurvedic Aushadhi Mahiti) 🔹 मराठी नावे :  नागरमोथा, लव्हाळा, लव्हग...