गवती चहा (Lemon Grass) – हिंदी माहिती
नामावली
संस्कृत नाम : सुगंध भूतृण, अग्याघास
हिंदी नाम : गंधबेना
सिंधी नाम : हरिचाय
बंगाली नाम : गंधतृण
अंग्रेज़ी नाम : Lemon Grass
अन्य नाम
अर्काला, ऑयल ऑफ़ वर्बेना / इंडियन मेलिसा ऑयल
गवती चहा में पाए जाने वाले घटक
विटामिन ए, विटामिन बी₁, बी₂, बी₃, बी₅, बी₆, विटामिन सी, मिनरल्स, कैल्शियम, पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम, आयरन, मैंगनीज़ आदि घटक पाए जाते हैं।
गवती चहा के गुणधर्म
गवती चहा उष्ण, ज्वरघ्न, उत्तेजक, स्वेदजनक, मूत्रजनन, वायुनाशी, चेतनाकारक तथा संकोच-विकास-प्रतिबंधक होता है।
उपयोग कैसे करें
गवती चहा की पत्तियाँ ताज़ी या सुखाकर उनसे चाय या काढ़ा बनाकर उपयोग किया जाता है।
गवती चहा से तेल बनाकर भी प्रयोग किया जाता है।
गवती चहा की पत्तियाँ उबलते पानी में डालकर उबालें, छान लें और उसमें थोड़ा शहद मिलाकर सेवन करें।
गवती चहा वनस्पति के आयुर्वेदिक औषधीय उपयोग
गवती चहा में साइट्रस होने के कारण यह पाचन क्रिया में सहायता करता है, इसलिए इसे भोजन के बाद लिया जाता है। पेट दर्द होने पर राहत मिलती है। गवती चहा की भाप लेना भी लाभकारी होता है।
गवती चहा लेने से पित्त, जलन, गैस व एसिडिटी नहीं होती।
शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन के लिए गवती चहा उपयोगी है।
इसके युरेटिक गुणधर्म के कारण शरीर के हानिकारक तत्व बाहर निकलते हैं तथा किडनी और लिवर को स्वस्थ व कार्यक्षम बनाने में मदद मिलती है।
उच्च रक्तचाप कम करने में गवती चहा उपयोगी है।
गवती चहा में पोटैशियम होता है, जो यूरिन उत्पादन बढ़ाकर रक्ताभिसरण क्रिया को बेहतर बनाता है।
यह चयापचय क्रिया बढ़ाता है और अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायक होता है।
गवती चहा से भोजन के साथ गए फैटी एसिड का डिटॉक्सिफिकेशन होकर उसका नियंत्रण रहता है तथा डायबिटीज कम करने में मदद मिलती है।
अनिद्रा की समस्या हो, रात में नींद न आती हो तो गवती चहा का सेवन लाभदायक है। इसके लिए इसे रात के भोजन के बाद लेना चाहिए।
अन्य लाभ
विटामिन ए और सी होने के कारण त्वचा का रक्ताभिसरण बढ़ता है, जिससे त्वचा सुंदर बनती है तथा बालों का स्वास्थ्य सुधरता है।
बुखार, सर्दी, जुकाम तथा ऐंठन जैसी समस्याओं में गवती चहा लाभकारी है।
मांसपेशियों में दर्द या शरीर में दर्द होने पर गवती चहा से बने तेल से मालिश करने पर लाभ मिलता है।
गवती चहा के नुकसान
गवती चहा का अधिक सेवन करने से सुस्ती आ सकती है।
गर्भवती महिलाएँ तथा स्तनपान कराने वाली माताएँ गवती चहा का सेवन न करें।
किसी व्यक्ति को एलर्जी हो तो गवती चहा नहीं पीना चाहिए।
विशेष रूप से, गवती चहा के नुकसान की तुलना में इसके फायदे अधिक हैं।
इस प्रकार गवती चहा वनस्पति की यह आयुर्वेदिक जानकारी है।
Lemon Grass Information in Hindi




