शुक्रवार, ३ एप्रिल, २०२६

अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी Ativish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi

 • अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारीAtivish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi

अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Ativish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi


• नाम :

• मराठी भाषा में : अतिविष / अतिश।k

• हिंदी भाषा में : अतीस / अतिविषा।

• संस्कृत भाषा में : अतिविषा, शिशुभेषज।

• अंग्रेज़ी भाषा में : Indian Atees / Aconite

• वैज्ञानिक नाम : (Scientific Name) Aconitum heterophyllum


वनस्पति संरचना (Plant Structure)

अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Ativish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi

• पत्ते :

 साधारण हरे रंग के, दाँतेदार किनारों वाले, आकार में मध्यम लंबगोल होते हैं।

• फूल : 

नीले-जामुनी रंग के होते हैं, घाटी (घंटी) के आकार के होते हैं।

• फल : 

छोटे फली (शेंग) के रूप में फल आते हैं, जिनमें बीज होते हैं।

• तना : 

सीधा, हरे रंग का, थोड़ा नाजुक, ऊँचाई सामान्यतः 1 से 1.5 मीटर होती है।

• जड़ : 

सबसे उपयोगी औषधीय भाग, पतली, लंबी और गाँठदार होती है।

गुणधर्म :

अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Ativish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi

 लघु, रुक्ष, हल्का

• रस : तिक्त (कड़वा)

• वीर्य : उष्ण

• विपाक : कटु

• यह त्रिदोष शामक है। वात, कफ, पित्त दोष को संतुलित करता है।

• कड़वी अतिश ही वास्तविक औषधीय गुणों वाली होती है।

औषधीय गुण (Medicinal Benefits) :

अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी  Ativish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi

• पेट दर्द, दस्त, चिपचिपा मल होने पर अतिश उपयोगी है।

बेलगिरी 100 ग्राम, अतिश 100 ग्राम और सोंठ 100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। सुबह-शाम लस्सी के साथ लेने से आंतें मजबूत होती हैं।

• सर्दी होने पर अतिश जड़ पाउडर 100 ग्राम, सोंठ 100 ग्राम और हल्दी 100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। एक चम्मच पाउडर और एक चम्मच शहद भोजन के एक घंटे बाद लें। लाभ होगा।

• सूखी और गीली खांसी में अतिश कड़वी और काकड़ा सिंधू 100-100 ग्राम लेकर चूर्ण बनाएं। एक चम्मच पाउडर को एक कप पानी में उबालकर आधा करें। ठंडा कर छानकर शहद मिलाकर चाय की तरह पिएं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी उपयोगी है।

• बेचैनी, उल्टी, मितली, चक्कर आने पर अतिश 50 ग्राम और मुलेठी 50 ग्राम मिलाकर रोज आधा चम्मच शहद के साथ लें।

• शरीर पर दाने, फोड़े, सूजन, पस होने पर अतिश और मंजिष्ठा पाउडर आधा चम्मच सुबह-शाम भोजन के एक घंटे बाद लें।

• भगंदर, बवासीर, बड़ी आंत में सूजन पर अतिश और हरड़ का चूर्ण एक चम्मच सुबह-शाम भोजन के बाद लें।

• सिरदर्द, मानसिक कमजोरी, चक्कर, बेहोशी आदि में अपामार्ग 100 ग्राम और अतिश 100 ग्राम पीसकर तिल के तेल 200 ग्राम में पकाएं। छानकर 3 बूंद नाक में डालें और सिर व गर्दन पर मालिश करें।

• हृदय, फेफड़े, यकृत में सूजन या शरीर में सूजन होने पर अतिश 100 ग्राम, पुनर्नवा 100 ग्राम, गोखरू 100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। एक चम्मच पानी में उबालकर सुबह-शाम लें।

• अपचन, एसिडिटी, जलन, डकार के लिए अतिश 100 ग्राम, सोंठ 100 ग्राम, काली मिर्च 50 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। एक चम्मच गर्म पानी के साथ लें।

• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला पाउडर, मुलेठी और अतिश 100-100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। शहद के साथ सेवन करें।

• कमजोरी, शरीर दर्द, हड्डियों की कमजोरी में अतिश और अश्वगंधा 100-100 ग्राम दूध के साथ लें।

• पेट के कीड़े होने पर अतिश 100 ग्राम और वावडिंग 100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। आधा चम्मच सुबह-शाम लें।

या अतिश 10 ग्राम पाउडर को 20-30 ग्राम नारियल या सरसों के तेल में उबालकर ठंडा कर गुदा पर लगाएं।

• पुरुषों में यौन समस्या होने पर अतिश, अश्वगंधा, सफेद मुसली और कुंज बीज 100-100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। दूध में उबालकर शहद मिलाकर लें।

• पुराने बुखार में चिरायता, गिलोय और अतिश 100-100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। एक चम्मच पानी में उबालकर लें।

• अस्थमा में अतिश, हल्दी, मुलेठी 100-100 ग्राम मिलाकर चूर्ण बनाएं। सुबह-शाम लें। ठंडी और खट्टी चीजें न खाएं।

• दूध में बदबू आने पर अतिश और शतावरी 100-100 ग्राम तथा छोटी इलायची मिलाकर दूध में उबालकर लें।


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नुकसान / महत्वपूर्ण सूचना :

अधिक मात्रा में सेवन न करें। आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही मात्रा तय करें।

छोटे बच्चों को आधा चम्मच मात्रा ही दें। अधिक सेवन से खुजली, उल्टी, मितली हो सकती है।

“अति सर्वत्र वर्जयेत” — अतिविष नाम के अनुसार विषैली होती है, सही मात्रा में लेने पर अमृत समान कार्य करती है।

अतिविष वनस्पति के बारे में आयुर्वेदिक जानकारी

Ativish vanaspati vishayi ayurvedic aushadhi hindi

 


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