अंबाबरवा वन अभयारण्य (Ambabarva Wildlife Sanctuary)
अंग्रेज़ों के समय यह स्थान ठंडे मौसम के लिए प्रसिद्ध था।
स्थान
महाराष्ट्र राज्य के विदर्भ क्षेत्र में, बुलढाणा जिले के उत्तर-पूर्व भाग में अंबाबरवा अभयारण्य स्थित है।
स्थापना
9 अप्रैल 1997 को इसे अभयारण्य का दर्जा मिला।
क्षेत्रफल
जलवायु
यह उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती (Dry Deciduous) वन क्षेत्र है।
कैसे पहुँचे
नागपुर निकटतम अंतरराष्ट्रीय शहर है।
नागपुर – अमरावती – अकोट – तुंकी मार्ग से सड़क द्वारा पहुँचा जा सकता है।
शेगांव रेलवे स्टेशन यहाँ से लगभग 60 किमी दूर है। वहाँ से संग्रामपुर होते हुए अभयारण्य पहुँचा जा सकता है।
वनस्पति (Flora)
वन्यजीव (Fauna)
जंगली सूअर, हिरण, बाघ, भौंकने वाला हिरण, चीतल, नीलगाय, सांभर, भालू, बंदर, लंगूर, जंगली कुत्ते (ढोल), उड़ने वाली गिलहरी, मकाक आदि प्राणी यहाँ देखे जा सकते हैं।
पक्षी (Birds)
मोर, कबूतर, तीतर, कठफोड़वा, किंगफिशर, कोयल, जंगल फाउल, काला गरुड़, तोता तथा कई प्रवासी और जल पक्षी यहाँ पाए जाते हैं।
प्रमुख दर्शनीय स्थल
जटाशंकर जलप्रपात
यह जलप्रपात भगवान शिव की जटाओं जैसा दिखता है, इसलिए इसे जटाशंकर कहा जाता है। यह पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है।
पिंपलडोह किला
जंगल के अंदर स्थित यह किला अब काफी खंडहर हो चुका है। संभवतः इसे गोंड या कोरकू जनजातियों ने बनाया था।
तीन दगड़ टॉप (तीन पत्थर शिखर)
महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित यह क्षेत्र अभयारण्य का सबसे ऊँचा भाग है। यहाँ से सुंदर दृश्य दिखाई देता है। यहाँ बौद्ध अवशेष भी मिले हैं।
सोनबर्डी बांध
यह जलाशय वन्यजीवों के लिए पानी का मुख्य स्रोत है और सिंचाई के लिए भी उपयोगी है।
हडिया महल
यह क्षेत्र वन्यजीव निरीक्षण के लिए जाना जाता है।
असलदरी और अंबाबारी
ये मुख्य वन क्षेत्र हैं जहाँ वन्यजीव और पक्षियों का निवास है।
धूलघाट
यहाँ घास का क्षेत्र अधिक है, जहाँ नीलगाय, हिरण और सांभर जैसे शाकाहारी जानवर चरने आते हैं।
घूमने का सर्वोत्तम समय
जुलाई से सितंबर: हरियाली देखने के लिए अच्छा, लेकिन बारिश से परेशानी हो सकती है।
अक्टूबर से फरवरी: सबसे अच्छा समय, पक्षी दर्शन के लिए उपयुक्त।
मार्च से मई: जल स्रोतों के पास जानवर देखने का अवसर मिलता है।
ठहरने की सुविधा
वन विभाग द्वारा बनाए गए विश्राम स्थल उपलब्ध हैं। पिंपलाद गांव के पास भी गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं।
यात्रा के दौरान सावधानियाँ
स्थानीय गाइड साथ रखना बेहतर है।
प्लास्टिक का उपयोग न करें, पर्यावरण स्वच्छ रखें।
जानवरों को परेशान न करें, शोर न करें।
निर्धारित मार्ग से बाहर न जाएँ।
वाहन से नीचे न उतरें।
सफारी के लिए जिप्सी या कैंटर का उपयोग करें।
फोटोग्राफी के लिए कैमरा उपयोग करें, मोबाइल का कम उपयोग करें।
यह अंबाबरवा वन अभयारण्य की संपूर्ण जानकारी l ambabarva abhyarany









कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा
ही एक वैयक्तिक माहितीपर वेबसाईट आहे. येथे दिलेली माहिती अभ्यास व संदर्भासाठी आहे.
अधिकृत माहितीसाठी संबंधित सरकारी संकेतस्थळ पाहावे.